भाग - 20

मेरे दिमाग में बस काजल और शकील ही चल रहे थे, मुझे भी पता था की शकील कितना खतरनाक और पैसे वाला है, वो कितना ताकतवर है इसका अंदाजा अभी मुझे नही था । इसलिए कुछ भी करने की जल्दबाजी करना बहुत ही बड़ी मूर्खता थी लेकिन मैं काजल को किसी भी हालत में खोना नही चाहता था।

सोच सोच कर मेरा दिमाग फटने लगा था लेकिन कुछ भी समझ नही आ रहा था,आखिर में मैं आंखे बंद करके सो गया। मैंने खुद को बिल्कुल ही ढीला छोड़ दिया कई सारे दृश्य मेरे सामने तैरने लगे थे।

काजल का आंसू से भरा हुआ वो चेहरा मेरे सामने आ जाता था। उसकी आंखों में मेरे लिए वो प्यार जिसे देख कर मेरे मन मे एक सिहरन सी दौड़ जाती थी। वहीं शकील की बातें भी मेरे दिमाग में घूम जाती। मैंने खुद को शांत किया और बस अपने को छोड़ दिया…

मेरे बचपन का वो दृश्य मेरे आंखों में घुमा...

गांव में मेरे बचपन में जब हम स्कूल जाया करते थे तो एक टीचर थे पांडे सर, पांडे सर बच्चों से कई सवाल पूछा करते थे, एक दिन उन्होंने पूछा था…

“बताओ बच्चों की ताकत, पैसा और दिमाग में सबसे महत्वपूर्ण क्या है …”

सभी बच्चों ने अपने अपने तर्क दिए थे, मैंने कहा था की पैसा सबसे महत्त्वपूर्ण है क्योकि उसके बिना जीवन नही चल सकता, अधिकतर बच्चों ने पैसे और ताकत को अहम बताया था, तब सर मुस्कुराए और कहने लगे..

“सभी चीजों का अपना महत्व है लेकिन मेरे हिसाब से अगर तुम्हरे पास दिमाग ही नही है तो तुम पैसे और ताकत का गलत उपयोग करोगे, हो सकता है की तुम उसे खो भी दो लेकिन अगर तुम्हारे पास दिमाग है तो तुम पैसा और ताकत दोनों कमा सकते हो, तुम ऐसा कुछ कर सकते हो जिससे पैसा और ताकत दोनों तुम्हारे कदम चूमे..सोचो एक राजा के बारे में...उसकी सेना में बहुत से ताकतवर लोग होते हैं और साथ ही उसके राज्य में कई धनवान लोग भी होते हैं लेकिन सभी राजा के गुलाम होते है, अगर राजा को जरूरत पड़ी तो उनका उपयोग करता है। सोचो ऐसा क्यों होता है, क्योकि राजा के पास वो दिमाग है की वो पैसे की मदद से ताकत को खरीदता है और फिर उसी ताकत की मदद से पैसे वालों पर अपना कब्जा जमाता है और अगर राजा मूर्ख हुआ तो तुमने इतिहास में पढ़ा ही है की बड़े से बड़े राजवंश किस तरह से एक राजा की मूर्खता के कारण खत्म हो गए...हमेशा राजा जैसा सोचो ,दिमाग से सबको काबू में रखो यही राजनीति है…”

पांडे सर की बात याद आते ही मैं अचानक से उठ खड़ा हुआ, जैसे मुझे राह मिल गई हो ……..

रात के करीब दो बज चुके थे और मैं अपने लेपटॉप खोले हुए कुछ सर्च कर रहा था, मैंने एक गेमप्लान तैयार किया मैंने अपनी कैलकुलेशन की और मुस्कुराते हुए सो गया……..

************

मेरे पहले सेमेस्टर का रिजल्ट आ चुका था और सभी की उम्मीद से और शायद खुद की उम्मीद से भी ज्यादा अच्छा मेरा परफार्मेंस रहा था मैंने क्लास में टॉप किया था। इससे मेरा दोस्त प्यारे और संजय सर भी बहुत खुश थे…

“यार पार्टी तो बनती है ” मेरे दोस्त ने कहा

“अबे जानता है न की इसकी कंडीसन क्या है और तुझे पार्टी चाहिए” संजय सर ने उसे डांट दिया

“कोई बात नही सर एक नई नॉकरी मिल गई है और सेलरी बहुत ही अच्छी है, एक एक बियर तो पिला ही सकता हूँ आप लोगों को …

दोनों मुझे आंखे फाडे देख रहे थे…

“बहुत पैसे वाला हो गया बे तू तो ”

“सर कुछ जैकपॉट टाइप की चीज हाथ लग गई है लेकिन अभी कामयाबी ये नही है ,असल में असली जैकपॉट के लिए मुझे आप लोगों की भी मदद चाहिए ”

दोनों मुझे आश्चर्य से देख रहे थे…

“क्या बात है तू कहना क्या चाह रहा है और कोई ऐसा वैसा काम हो तो भाई हमे माफ कर ”

संजय सर थोड़े फिक्र मंद नजर आये

“ऐसी कोई बात नही है सर, सब कुछ लीगल ही है..एक बार मेरी बात सुन लीजिए ,क्यो ना बियर के साथ बात किया जाए ”

हम तीनो बैठे बियर पी रहे थे, प्यारे चारों ओर ऐसे देख रहा था जैसे बार नही किसी जन्नत में आ गया हो ,

“अब बताओ भी की आखिर ऐसा क्या कर रहे हो की तुम इतने पैसे वाले बन गए हो ”

संजय सर थोड़ा घबरा रहे थे..

“सर मैं पैसे वाला नही बना हूँ बस समझ लीजिए की किसी दूसरे के पैसे पर ऐश कर रहा हूँ ”

“क्या मतलब???”

मैंने संजय सर को बताया की मैं कैसे शकील के पैसे को शेयर मार्किट में इन्वेस्ट कर रहा हूँ ..

“तू पागल हो गया है क्या उसके पैसे को ऐसे उड़ा रहा यही अगर उसे कुछ पता चल जाएगा तो ..”

“सर इसलिए तो मुझे आपकी मदद चाहिए ”

“मतलब??”

“मतलब ये की सिर्फ एक ही अकाउंट क्यों हम कई अकाउंट से ट्रेडिंग कर सकते हैं , मैं चाहता हूँ की आप और प्यारे भी एक एकाउंट बनाये इसके लिए आपको कुछ भी नही करना है ना ही कोई पैसे लगाने है ,बस आपको अपनी एक आईडी बनानी है ,आप लोगों के पास बस स्मार्टफोन होना चाहिए उसका इंतजाम हम कर लेंगे, यंहा कोई सस्ता स्मार्टफोन आराम से मिल जाएगा, मैं कुछ दिनों में पैसे का जुगाड़ भी कर लूंगा, मैं जिस शेयर को जिस भाव में कहुँ आपको बस वो खरीदना है और जिस भाव में कहुँ उसमें बेच देना है ,जब पैसे ज्यादा हो जायेगें तो हम और भी ब्रोकर के साथ अकाउंट खुलवायेगें ,ताकि हमारा पैसा रोटेट होता रहे , बस इनिशियल अमाउंट का जुगाड़ करना होगा वो मैं कर लूंगा,कम से कम 10 हजार से शुरू करेंगे …”

दोनों मुझे अजीब निगाहों से देख रहे थे..

“तू उसका पैसा मारेगा और उसे पता नही चलेगा ??”

उनकी बात सुनकर मैं मुस्कुराया ..

“सर मैंने कब कहा की मैं उसका पैसा मारूंगा...मैं मैनेज करता हूँ वो सब .....आप बस वो कीजिये जो मैं कह रहा हूँ ..”

प्यारे और संजय सर ने एक दूसरे को देखा और फिर धीरे से सर हिलाया …..

**************

मैं शकील के सामने खड़ा था,

“भाई मुझे कुछ पैसे चाहिए ”

उसने मुझे थोड़ी देर घुरा..और मेरे हाथों में रखी किताब को देखा जो उसने ही मुझे पढ़ने के लिए दी थी ..

“अरे छोटे पैसे तो तेरे ही अकाउंट में हैं ना फिर भी मुझसे मांग रहा है ,”

“भाई पैसे मेरे अकाउंट में जरूर हैं लेकिन वो आपके पैसे हैं, उन्हें मैं आपके इजाजत के बगैर कैसे हाथ लगा सकता हूँ ”

शकील के होठों में एक मुस्कान खिली

“कितने चाहिए”

“10 हजार ”

“10 हजार…??? साले इतने पैसे का क्या करेगा तू, रहता तू मेरे पास ही है ,खाना तुझे मैं देता हूँ तो पैसे का करेगा क्या ??”

इस बार शकील के आवाज में थोड़ा गुस्सा था..

“भाई आपने कहा था की आप मुझे सेलरी देंगे और प्रॉफिट में हिस्सेदारी भी देंगे..मैं अपना काम बहुत ही जी जान लगा कर कर रहा हूँ ,मैंने आपके दिए 30 हजार को कुछ ही दिन में 1.5 लाख बना दिया है, तो इसमें मेरा प्रॉफिट कितने परशेन्ट का हुआ ..??”

मेरी बात से वंहा खड़ा हर आदमी खामोश हो चुका था..

“मादरचोद आज तक किसी की इतनी हिम्मत नही हुई की शकील भाई से हिस्सेदारी मांगे..”

एक आदमी जोरों से चिल्लाया , वहीं शकील अब भी खामोशी से मुझे ही देख रहा था..

“भाई आप लोग जो काम करते हो वो अलग काम है ,उसमें हिस्सेदारी वाली चीज नही होती लेकिन ये काम बिल्कुल अगल है और लीगल भी है ,इसमें पैसे में बात नही होता बल्कि परसेंटेज मे बात होती है और मैं उस हिसाब से अपना केलकुलेशन करूंगा अगर आप ये बता दे की इसमें मेरा क्या फायदा होने वाला है..

मैं पूरा हिसाब किताब क्लियर रखना चाहता हूँ ताकि बाद में फिर कोई प्रॉब्लम ना हो ..”

मैं जो रट कर आया था एक ही सांस में बोल दिया

शकील अब भी खामोश था और सभी उसे ही देख रहे थे..

“ह्म्म्म लगता है तुझसे बैठ कर बात करनी पड़ेगी ..तो बोल कितना परशेन्ट लेगा तू ..”

आखिर शकील की आवाज आयी

“भाई मैं कौन होता हूँ आपसे परशेन्ट मांगने वाला आप जितना दे दो ..”

“10% कैसा रहेगा ..” शकील ने बोला

“अरे भाई इस साले को 10% दोगे,??साला पैसा तो आपका है फिर इसे 10% क्यों ” पास खड़ा हुआ उसका चमचा बोल उठा..

लेकिन शकील ने उसे घूर कर देखा और वो चुप हो गया ..

“चल दिया तुझे 10% ”आखिर शकील ने बोला

“नही भाई मुझे सिर्फ 5% बस दे दो तो भी चलेगा ,लेकिन प्रॉफिट का 5% ”

इस बार शकील थोड़ा कंफ्यूज था

“मतलब ??”

“मतलब भाई की जैसे अभी तक हमे लगभग 1 लाख 10 हजार का शुध्द प्रॉफिट हुआ है इसका 5% आप मुझे दो मतलब 5 हजार 500 रुपये बाकी आपका ”

शकील थोड़ा खुश दिखा

“लेकिन इससे तुझे क्या फायदा होगा ”

“भाई मेरे पास पैसे नही है, अगर घाटा हुआ तो मैं कहा से दूंगा, इसलिए मैं फायदे का 5% मांग रहा हूँ....घाटा हुआ तो वो आपका रहेगा, ऐसे भाई लोग तो 20-30% चार्ज करते हैं और कई तो बस 20-30% देते हैं बाकी खुद ही रखते है ,आपका मेरे ऊपर इतना अहसान है तो मैं ज्यादा कैसे मांग सकता हूँ ”

शकील थोड़ा सोच में पड़ गया

“ठीक है ,फायदे का 5% तू रख ..”

“भाई मैं वो पैसा हर महीने निकालना चाहूंगा, आपकी इजाजत चाहिए ”

“ठीक है…”

मेरा काम हो चुका था

“भाई और वो 10 हजार रुपये ”

“साले तुझे तो 5 हजार मिलने चाहिए थे ना ”

“जी भाई लेकिन अभी थोड़ा काम भी तो है , इतना बड़ा फायदा करवाया हूँ आपका आप इतना तो कर ही सकते हो ,अगली बार से जो महीने में फायदा होगा उसी से पैसे लिया करूंगा ”

शकील को शायद मेरी बात अच्छी लगी ..

“ठीक है इसे 10 हजार दे दो रे...और ये पुस्तक क्यों पकड़कर घूम रहा है ”

“भाई वो आपसे कुछ पूछना था ”

शकील ने इजाजत दे दी और मैंने उस पुस्तक को खोलकर एक चेप्टर निकाला ..और शकील के पास जाकर उसे दिखाने लगा

“भाई मैं सोच रहा था की क्यों ना हम penny स्टोक्स में पैसे लगाएं, ऐसे स्टोक्स जिनका रेट बहुत ही कम है ,सोचिए की अगर कोई स्टॉक सिर्फ 10 पैसे मे मिल जाए तो ,1000 रुपये में हम कितना खरीद सकते हैं ,और 1000 रुपये का स्टॉक 2हजार होने में बहुत समय लग सकता है लेकिन 10 पैसे के स्टॉक को 20 पैसा होने में कितना समय लगेगा ...कुछ ऐसे ही स्टोक्स है जो 100 रुपये से कम के है उन्हें खरीदा जाए तो वो परसेंटेज में जायद पैसा कमा कर देंगे ”

शकील ने थोड़ी देर अपना सर खुजलाया

“ठीक है ठीक है जो तुझे समझ आये वो कर ,छोटी छोटी बातों को पूछने की क्या जरूरत है ”

“भाई वो इसमें रिस्क भी तो ज्यादा रहता है, कमा भी सकते है और गंवा भी सकते है ,मतलब है की 10पैसे का स्टॉक 5 पैसे भी तो हो सकता है ना, इसलिए आपकी इजाजत चाहिए ताकि बाद में आप मुझे ना बोले ”

शकील थोड़ी देर चुप रहा और बुक को पढ़ने की कोशिश करने लगा मुझे पता था की उसे घण्टा कुछ भी समझ नही आने वाला था ..

“ठीक है दिया इजाजत जो करना है कर ”

“थैंक्यू भाई ”

“हम्म और काजल से मिलने गया था ना क्या हुआ उसका...”इस बार शकील के होठों में एक कमीनी मुस्कान थी लेकिन मैं भी अपने आप को पहले से तैयार करके आया था।

“आपने सही कहा था भाई, रंडी तो साली रंडी ही रहेगी..मैं ही चूतिया था जिसे उससे लगाव हो गया था। लेकिन अब नही भाई अब तो जमकर पैसे कमाने है ,पैसे रहेंगे तो वैसी कई रंडियों को खरीद लेंगे ..”

मेरी बात सुनकर जैसा मुझे यकीन था शकील का चेहरा थोडा बुझा बुझा सा हो गया, वो तो चाहता था की हमारे बीच प्यार हो..न सिर्फ प्यार हो बल्कि काजल मुझे टूटकर चाहे ताकि वो हमे अलग करके मजे ले सके लेकिन अब बेचारा शकील किस चीज के मजे लेता, वो मुझे निकाल भी नही सकता था क्योकि मैंने उसे ऐसा ख्वाब दिखा दिया था जिसे पूरा करने में उसे मेरी जरूरत पड़ती ,कम से कम अब मैं सेफ था और मुझे काजल को भी सेफ करना था….

कहानी जारी है...... मिलते हैं कहानी के अगले भाग में.....

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