आखिर कार मै अब आपनी जीवन जीने के लिए दि गई माॅ की वजह को देख सकता था । जब मैंने अपना पूरी ऑख को खोल लिया तो मैंने सामने मै लड़की को पाया । वो मुझे बोल रही थी । " क्या तुम ठीक हो " अब उसकी आवाज मुझे साफ-साफ सुनाई दे रही थी । जब उस लड़की ने मुझे देखा कि मै अब ठीक हू । उसी समय उसने मुझे एक " थपड " जड दिया ।वो भी मेरे गालो पे और मेरा कोलर पकडते हुए बोला तुम अकेले नही हो मै तुम्हारे साथ हू . Plss मत मारो । मरना इतना असान है कि कोई भी इस आसन काम को करने के लिए जरा भी नही सोचता है लेकिन दूसरी ओर जिंदगी इतनी मुस्किल है कि लोग उसे जीना छोड जीने की कोशिश तक नही करते है यह बोलती है उसके आखो से आसू बहने लगे । वो मेरी ओर देख कर बोली
" हार मत मानो " ।
देखो मैंने भी नही माना हैं मै भी लड रही हू अपनी जिदगी से पर मैंने तो हार नही माना है । वो भी तूम तो लड़के हो ना तो फिर क्यो हार मान सकते हो ।
लडो अपनी परेशानीयो से । तुम जिदगी को इतना आसान बना दो की तुम्हारे लिए मरना मुश्किल हो जाए । समझे !
इन सब बातो को सुन कर मेरे ऑखो से भी ऑसू निकलने लगा । मै रो रहा था पर इस बार रोने मे मेरा साथ आसमान नही । बल्कि वो लड़की दे रही थी । मैंने उसे गले से लगाया और अपने आसू को बहने दिया । मैंने माॅ को शुक्रिया अदा किया और अपनी माॅ को तारा बनता हुआ देखा । वो तारा जो सभी तारो मै सबसे ज्यादा चमकीला था । मैंने अपने आसु को पोछा और बोला ।
माॅ मै दुनिया का सबसे बड़ा आदमी बनूँगा ।
और शुक्रिया माॅ मुझे इतनी अच्छी " वजह " देने के लिए । मै इसका बहुत अच्छे से ख्याल रखूंगा आज से
मेरा दिल, मेरा शरीर, मेरा आत्मा, सब अब ए वजह का है
मै अब इस लड़की का हू ।
मैने उसके आसू पोछा और बोला तुम्हारा नाम क्या है । उसने बताया " दिशा " ।
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